milap singh bharmouri

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Saturday, 25 April 2015

भरमौरा री वादी

आंउऐ न बलदा
दुनिया बलदी
भरमौउर बडा मोटा खजाना हा
कुदरते दितुरा
ऐस जो रूप मस्ताना हा

देवते बसदे धारा धारा
करदे घर घर
सब्बी पुर मेहर
दवाई तांउ निआ इठी री व्यार
ठंडा पानी दिंदा किस्मत फेर

होली , ग्रोंडा
कुगती , गरोला
घर घर बसदा धूडू भोला
सिरडी, किंयूर
सुनारा , पियूरा
घर घर भुंदा हा चोला डोरा

कल्चर इंदा संभालने वाली
धन धन भोआ अपनी छतराडी
बडी छैल हा औउरा फाटी
मेहर करे तू मा भरमानी

------ मिलाप सिंह भरमौरी

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