milap singh bharmouri

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Thursday, 18 May 2017

बूड्ढा बेचारा केला धना जो चारा

बूड्ढा बेचारा
केला धना जो चारा
पुत्र फिरी भी बलदा नकारा

केले डाकदा नाला खौला मा
रित हौंद भौआ या बरसाला
बैला सांए गिरदा अरो परो 
पुत्र फिरी भी कजो लगदा प्यारा

ठगने पुट्ठी बैखी शूरा बुड्ढे जो
बलदा पैउ अज्ज ऐ पाडा
अज्ज ओ पाडा
कतूने धैडे चलली अक्की री कमाई
जे सब्ब बेची छड्डी ता फिरी के खाना

जे होर कम्म निंआ ता
मिंआ धना जो ही चारी लै
बूड्ढे जो थोडा जीना भूची गल्ला सहारा
धना चारदे इज्जत न घटदी
पर बडा बुरा भुंदा ठग बठग्गी रा लारा

........ मिलाप सिंह भरमौरी

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