milap singh bharmouri

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Friday, 7 December 2018

सबदा सफर

कुछ रितां इस संसार दियाँ।

रोज ताने रेंदियाँ मारदियाँ।

सुनी जा बस इक कन्ने तों


कुछ अंदर कुछ बारदियाँ।

सबदा सफर मुकम्मल होना


कुछ जितदे कुछ हार देयां।

मन छड़ स्यापे  सौचां  दे सब


चल सैरां  करिए पहाड़ दियाँ।

...... मिलाप सिंह भरमौरी

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