This is a place for original kavita , bhajan and shayari of of Milap Singh Bharmouri written in Gaddi boli. Gaddi boli is also known as bharmouri boli which is branch of pahadi boli. this blog is totally enriched with bharmouri culture and bharmour images.
milap singh bharmouri
Wednesday, 25 December 2013
Monday, 23 December 2013
Sunday, 17 November 2013
हौंदा री रित आई
हौंदा री रित आई
ठंड बड़ी लगदी
अक बारी बैखी गे
फिरि चुल्ल न छडदी
नलके रे पानी सोगी
हथ्थ न लगदा
भैगा जंगला जो गंदे
पूरा शरीर कमदा
हथ्थ मुह धोई लैंदे
छड़ी दिता नेइना
शिडी रे बगैर भइओ
किंया करी जीना
लैण्टरे पवाडा पौ
नते निग्गी थी मंडई
हिरखा- हिरखा मंज
अज्ज कड़ी भी न रैयी
लकड़ी रे मकान पर
अज्ज पाने भी किंया
भित - दारी बनाने जो ता
ईठी मुल्दी निआ
................मिलाप सिंह भरमौरी
ठंड बड़ी लगदी
अक बारी बैखी गे
फिरि चुल्ल न छडदी
नलके रे पानी सोगी
हथ्थ न लगदा
भैगा जंगला जो गंदे
पूरा शरीर कमदा
हथ्थ मुह धोई लैंदे
छड़ी दिता नेइना
शिडी रे बगैर भइओ
किंया करी जीना
लैण्टरे पवाडा पौ
नते निग्गी थी मंडई
हिरखा- हिरखा मंज
अज्ज कड़ी भी न रैयी
लकड़ी रे मकान पर
अज्ज पाने भी किंया
भित - दारी बनाने जो ता
ईठी मुल्दी निआ
................मिलाप सिंह भरमौरी
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